शुक्रवार, 14 अगस्त 2015

तेरी खुशियोँ मेँ हम भी खुश होँगे

दिल के करीब से होके गुज़रती हैँ जब वो तेरी बातेँ।
इक दर्द सा देती है तन्हा रातेँ॥


ये दोस्ती की जागीर है बरबाद मत करना
जिन्दगी गुजरे ये रिश्ते निभाते॥

महफूज हो तू हर गम से सदा
नजर आओ मुझे बस मुस्कुराते॥

तेरी खुशियोँ मेँ हम भी खुश होँगे
जब तक है रहेँगे गज़ल गाते॥

रचनाकार : प्रदीप कुमार पाण्डेय