गुरुवार, 20 अगस्त 2015

गीत खुशियोँ के गाया करेँगे।

गीत खुशियोँ के गाया करेँगे।
तुझे देख कर मुस्कुराया करेँगे॥

तुम मेरी बाहोँ मेँ आया करना
हम तुम्हेँ सीने से लगाया करेंगे॥

तुम अश्क बन के मेरी आँखोँ से झलकना
हम अपनी पलकोँ पेँ सजाया करेँगे॥

कभी तुम्हारे ख्वाबोँ मेँ आकर
हम तुम्हे यूँ ही सताया करेँगे॥

मैँ तेरा अरमान तू मेरी हशरत बन जाना
दिल की बस्ती मेँ इक दूजे को बसाया करेँगे॥

तू मेरी मंजिल मैँ तेरा मुशाफिर हूँ
तेरे पाने की उम्मीद जताया करेँगे॥
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रचनाकार : प्रदीप कुमार पाण्डेय