मंगलवार, 30 अगस्त 2016

हिन्दू चाहिए, न मुस्लमान चाहिए

हिन्दू चाहिए न मुसलमान चाहिए।
चाहिए हमें, तो बस इंसान चाहिए॥

देश के हित में हो, सच्चा हो, शालीन हो
दिल में  सभी के एक ही, अरमान चाहिए॥

मान दे, सम्मान दे, जरूरतों  पे जान दे,
मुल्क को वो, कोई मेहरबान चाहिए॥

दौलत नहीं ताकत नहीं, बेनाम मोहब्बत नहीं,
बक्शा जो खुदा ने, वो ईनाम  चाहिए॥

बाँधे हुए इन मजहबी धागों  को तोड कर,
इक जमीं ओ इक आसमान चाहिए॥

मान अपमान की परवाह नहीं "प्रदीप",
अमन-ओ-चैन भरा हिंदुस्तान चाहिए॥

रचनाकार : प्रदीप कुमार पाण्डेय