मंगलवार, 13 सितंबर 2016

क्या हमसे हुई है खता




क्यों हमको सता तुम रहे हो बता, क्या हमसे हुई है खता।
साथ छोड़ा, क्यों तन्हा किया मुझको तूने, दिलवर तू इतना बता।।

वो रातें सुहानी, हसीं ख्वाब दिल के, याद आयेंगे हमको सदा।
वो मौसम, बहारें, चमन, आरजू, वो दिलकश तुम्हारी अदा।
जरूरत तेरी, दिल को करती परेशाँ, दे दे तू अपना पता।
साथ छोड़ा, क्यों तन्हा किया मुझको तूने, दिलवर तू इतना बता।।

वो शर्मीली आँखें, वो पलकें, वो आँसू, वो निगाहों की तेरी हया।
वो यौवन तेरा, लगता उपवन सा दिलवर, मुझपे नशा छा गया।
तेरी अदाओं का मारा हूँ बेबस, मुझको न अब यूँ सता।
साथ छोड़ा, क्यों तन्हा किया मुझको तूने, दिलवर तू इतना बता।।