गुरुवार, 26 जनवरी 2017

ये धरा हमारी है, ये देश हमारा है


ये धरा हमारी है, ये देश हमारा है।

ये अम्बर अपना है, परिवेश हमारा है।

जो तीन रंग वाला, परचम लहराता है

वो मिलकर रहने का, सन्देश हमारा है।।



वो झाँसी की रानी, वो शिवा और राणा,

वो वन्दा वैरागी, वो मंगल, वो नाना,

सुखदेव, राजगुरु, भगत, गुरु गोविन्द सिंह, भामा,

आज़ाद, बोस का सा, आवेश हमारा है।।



कश्मीर, जो स्वर्ग कहा धरती पर जाता है,

पद्मिनियों का जौहर, कवियों की गाथा है,

चरण धो रहा हिन्दमहासागर, भारत माँ के,

सर पे छत्र हिमालय का, राकेश हमारा है।।



बलिदानों की परम्परा, सतियों की अमर कहानी

युग-युग से बहता आता, निर्मल गंगा का पानी

छः शास्त्र, पुराण अट्ठारह, गीता की पावन वाणी

वनवारी, गोवर्धनधारी, गोपेश हमारा है।।