रविवार, 26 फ़रवरी 2017

शेर-ए-प्रदीप : भाग ३

नफरत की दीवारें तोड़ कर आया हूँ।
रुखे ज़िन्दगी को मोड़ कर आया हूँ।
तुम्हे शायद ताउम्र हासिल नहीं हो,
मैं उतनी दौलत छोड़ कर आया हूँ।।


गुरुवार, 9 फ़रवरी 2017

शेर-ए-प्रदीप : भाग 2

हमने ज़िन्दगी भी उनके नाम कर दी।
तमाम लोगों ने चर्चा शरेआम कर दी।
ये कैसी मुहब्बत है, ये कैसा इंसाफ है
कि चंद साँसें बची थीं, नीलाम कर दी।।

बुधवार, 8 फ़रवरी 2017

किसी की चाहत में फ़ना हो जाना इश्क है




किसी की चाहत में फ़ना हो जाना इश्क है।
किसी की यादों में ज़िन्दगी बिताना इश्क है।।

गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

करवट बदल-बदल के, कल शब गुजर गई





करवट बदल-बदल के, कल शब गुजर गई।
आई तुम्हारी याद फिर, न जाने किधर गई।।

बुधवार, 1 फ़रवरी 2017

चाहत के परदे पे, मेरी उम्मीदों के सितारे हैं



चाहत के परदे पे, मेरी उम्मीदों के सितारे हैं।
कुछ ख्वाब हैं दिल में, कुछ पलकों पे नजारे हैं।।