रविवार, 7 अक्तूबर 2018

ज़रा प्यार से मुस्कुरा कर तो देखो

*[बहर-ए-मुत्कारिब मुसम्मन सालिम]*
*[ 122  122  122  122 ]*

ज़रा  प्यार  से  मुस्कुरा  कर  तो  देखो।।
करीब और थोड़ा सा आ कर तो  देखो।।

तेरा बन के  रह  जाऊँगा  उम्र भर  तक,
कभी मुझको अपना बना कर तो देखो।।

रवायत      रवायत      रहेगी     हमेशा,
हथेली  पे  सरसों  उगा कर  तो  देखो।।

कई  चाँद  पड़   जाएँगे   आज   फ़ीके,
ज़रा रुख़ से पर्दा उठा  कर  तो  देखो।।

चले   आएँगे   एक   आवाज़   में   ही,
कभी आप हमको बुला कर तो देखो।।

हमेशा    तुम्हें     याद     आते     रहेंगे,
हमें  भूल  से  भी  भुला कर तो देखो।।

वो  महफ़िल  में  आँसू   बहाने   लगेंगे,
ग़ज़ल 'दीप' की गुनगुना कर तो देखो।।


-प्रदीप कुमार पाण्डेय 'दीप'

शनिवार, 6 अक्तूबर 2018

किसी के मुक़ाबिल झुका मैं नहीं हूँ...


*[बहर-ए-मुत्कारिब मुसम्मन सालिम]*
*[122 122 122 122]*

किसी  के  मुक़ाबिल  झुका मैं नहीं  हूँ।
मगर   हाँ!  ख़ुदा से बड़ा  मैं  नहीं  हूँ।।

किसी  के  लिए  गर  मरा  भी नहीं   तो,
फ़क़त अपनी ख़ातिर जिया मैं नहीं हूँ।।

उसूल  एक  बस  जिंदगी  का  रहा है,
ग़लत  रास्ते  पर  चला  मैं   नहीं   हूँ।।

वफ़ा  कर  न  पाना   मेरी  बेवशी  थी,
हक़ीक़त  में  तो  बेवफ़ा  मैं  नहीं  हूँ।।

सताती रही जो  दिवानों  के  दिल को,
किसी की वो नाज़ुक अदा मैं नहीं हूँ।।

शराफ़त  से  जीना ही  सीखा  है  मैंने,
सियासी  कोई  वाकया  मैं   नहीं  हूँ।।

भले  दूर  है  ज़ुर्म  से  'दीप'  अब तक,
मगर दूध  का  भी  धुला  मैं  नहीं  हूँ।।

-प्रदीप कुमार पाण्डेय 'दीप'

प्रथम प्रार्थना प्रतिदिन प्रभु से...

कविराज तरुण जी 'सक्षम'

अलंकार : छटा अनुप्रास एवं उपमा

शब्दों में मुश्किल कह पाना है क्या सम्मान आपका है।
हम तारों के बीच चंद्रमा का स्थान आपका है।
प्रेरक प्रखर प्रयास आपका, सर्वविदित है, उत्तम है,
आप हमारे साथ चले हैं ये एहसान आपका है।।

प्रथम प्रार्थना प्रतिदिन प्रभु से ये करबद्ध हमारी है।
कलम कामना मंगल करने को प्रतिबद्ध हमारी है।
जीवन ज्योति जगे जब तक जग में जमुना और गंगा हैं,
नव सृजन करें, नित हवन करें, प्रणती अभिबद्ध हमारी है।।

अक्षम को सक्षम करने का जो ढंग आपने सीखा है।
उपमा का मिलना मुश्किल है, भव सा जग में न सरीखा है।
बस केवल एक निवेदन ही करता "प्रदीप" है ईश्वर से,
अतिशीघ्र उसे पूरा कर दे, जो स्वप्न आपको दीखा है।।

प्रदीप कुमार पाण्डेय